जिस दिन से तुम्हे देखा, मेरे पे ये जूनून सवार है.
लेकिन मुझे डर लगता है, शायद मेरे आगे कोई दिवार है.
जी करता है कि, कह दू कि प्यार है.
पता नहीं तेरा हाँ है या तेरा इंकार है.रोज पेड़ के पास खड़ा होना.लगता है किसी का इंतजार है.
कही वो मै तो नहीं, या शायद मेरा कोई यार है.
जी करता है कि, कह दू कि प्यार है.
पता नहीं तेरा हाँ है या तेरा इंकार है.
बस एक बार पलट कर मुस्करा तो दो,मै समझूंगा कि ये तेरा इज़हार है.
वर्ना मै तड़प तड़प के मर जाऊंगा, और समझूंगा कि ये मेरा दिल बीमार है.
जी करता है कि, कह दू कि प्यार है.
पता नहीं तेरा हाँ है या तेरा इंकार है.
मै तुम्हारे इतना सुन्दर तो नहीं,फिर भी ये दिल वफादार है.
खुदा कि कसम कही भी आजमा लो,हर मुश्किल में हम तैयार है.
जी करता है कि, कह दू कि प्यार है.
पता नहीं तेरा हाँ है या तेरा इंकार है.
बस एक बार मेरा नाम तो पूछ लो,समझूंगा जिंदगी में आई बहार है.
हरिस कि धड़कने बढ़ जाएगी, और बजने लगी गिटार है.
जी करता है कि, कह दू कि प्यार है.
पता नहीं तेरा हाँ है या तेरा इंकार है.
हरिकेश कुमार यादव