Sunday, May 9, 2021

गांव के लोरी

आरे आव पारे आवह।
नदिया किनारे आवव
सोना के कटोरिया में,
दूध भात लेके आवह,
बबुआ के मुंह मे गुटुक...

....................................................................
अहिए रे निनिया , बाबू के सुतहिये..
निनर बनके

...…..............................................................ओका बोका
तीन टाडोका
लउवा लाठी
चानन काठी
चनवा के नाम का
................................
का खाऊं का पीऊं 
का ले के परलोक जाऊ.

Tuesday, May 4, 2021

मत लूटो अब देश को.

आज अपना देश ऐसा बन गया है कि जो भी चाहता है बस लुट के चला जाता है.

Saturday, March 21, 2020

कोरोना

आज कोरोना वायरस से सारी दुनिया तबाह हो रही है । और हम लोग हाथ पर हांथ रख कर नही बैठ सकते।

Sunday, August 26, 2018

व्यथा मन की

क्या सुनाऊ व्यथा मन की।
कथा जन जन की।।

भ्रष्टाचार अपने चरम पर है।
सारे लोग अपने धरम पर है।।

हर बात को राजनीति से जोड़ रहे है।
जननीति की कमर तोड़ रहे है।

आकर कोई तो संभाले इस बागडोर को


Monday, November 12, 2012

दिवाली कि बहुत बहुत बधाई 13/11/2012.

दिवाली कि  बहुत बहुत बधाई 13/11/2012.

Sunday, May 13, 2012

जिंदगी एक रेल है।

जिंदगी एक खेल है,
ये चलती एक रेल है।.
रुक जाये तो फेल है।
नहीं तो ये जेल है।
खुशनुमा रहे तो मेल है।
चिकना हो जाये तो तेल है।.