Sunday, May 9, 2021

गांव के लोरी

आरे आव पारे आवह।
नदिया किनारे आवव
सोना के कटोरिया में,
दूध भात लेके आवह,
बबुआ के मुंह मे गुटुक...

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अहिए रे निनिया , बाबू के सुतहिये..
निनर बनके

...…..............................................................ओका बोका
तीन टाडोका
लउवा लाठी
चानन काठी
चनवा के नाम का
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का खाऊं का पीऊं 
का ले के परलोक जाऊ.

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