आई डी यू में जब से आपका आगाज है.
क्लास में नहीं है जो आने वाले,उनको आप पर ही नाज है.
हे देवराज, महाराज आप का राज ही राज है..
बिना पढ़े को पास करते, आप उनके महाराज है.
आप की असीम अनुकम्पा से,उनके सर पे ताज है.
हे देवराज, महाराज आप का राज ही राज है..
जो नहीं है बोलने वाले, उनके लिए सुर और साज है.
ववंडर की इस दुनिया में आप, कल और आज है.
हे देवराज, महाराज आप का राज ही राज है..
आपके शिष्य हरिकेश को, नहीं शर्म और लाज है.
आपके वजह से ही, हम कही पर गिराते गाज है.
हे देवराज, महाराज आप का राज ही राज है..
हरिकेश कुमार यादव
डेट-2005 collage campush
No comments:
Post a Comment