चाहे हो गर्मी, चाहे हो सर्दी,
बरसात की बूंद भी परे.
ये ट्रेन हमारे लिए क्या क्या ना करे.
चाहे हो दिन चाहे हो रात,चाहे हो सुबह चाहे हो शाम,
फिर भी ना साँस धरे,
ये ट्रेन हमारे लिए क्या क्या ना करे.
चाहे हो नदिया, चाहे हो पहाड़, चाहे हो रेगिस्तान चाहे हो कंकरीला स्थान,
जंगल में भी ये ना डरे.
ये ट्रेन हमारे लिए क्या क्या ना करे.
बरसात की बूंद भी परे.
ये ट्रेन हमारे लिए क्या क्या ना करे.
चाहे हो दिन चाहे हो रात,चाहे हो सुबह चाहे हो शाम,
फिर भी ना साँस धरे,
ये ट्रेन हमारे लिए क्या क्या ना करे.
चाहे हो नदिया, चाहे हो पहाड़, चाहे हो रेगिस्तान चाहे हो कंकरीला स्थान,
जंगल में भी ये ना डरे.
ये ट्रेन हमारे लिए क्या क्या ना करे.
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