Monday, November 8, 2010

सुनील Singh

यार मै तुम्हे अपना एक अच्छा दोस्त और भाई मानता हूँ लेकिन तुम कई जगह इसको प्रूफ नहीं होने देते। पता नहीं तुम्हारे दिमाग में क्या चलता है.मै तुम्हारे शादी में जाने के लिए पूरी तैयारी कर लिया था लेकिन तुम एक बार जाने के लिए फोर्मलती भी पूरी नहीं कि। मुझे बहुत दुःख huwa। मै अपने घर पर लीव पर ही था. कोई बात नहीं यार। अच्छा ही सोचा होगा.................
धन्यवाद
हरिकेश कुमार yadav

ओबामा इन इंडिया ०८-११-2010

आज ओबामा भारतीय संसद भवन में जो भाषण दिए वो काबिले तारीफ थी। मै पूरा भाषण सुना। अब अमेरिका का नजरिया भारत के लिए बदल गया है। मै भारतीय सांसदों का भी धन्यवाद करूँगा कि वो लोग संसद कि गरिमा बनाये रखे.ओबामा ne अन्तराष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् में भारत कि स्थायी सदस्यता कि वकालत कि जो काबिले तारीफ है.


धन्यवाद,
हरिकेश कुमार yadav

Friday, October 29, 2010

बाबूजी ग्राम प्रधान दोमाठ

आज सुबह १.२३ बजे घर से फ़ोन आया कि बाबूजी चुनाव जीत गए है। फिर ब्रिजेश का फ़ोन आया उसके बाद मेरे पिता जी का फ़ोन आया मै सो रहा था। यार और साकिर भाई का फ़ोन ३ बजे के लगभग आया.बाबूजी ग्राम प्रधान का चुनाव ९९७ वोते से जीत गए । सुबह ७ बजे फ़ोन आने का सिल्शिला jari रहा। बहुत बड़ा जुलुश निकला था जैसे कि घर वाले बता रहे थे। ओमप्रकाश वकील साहब से बात हुई थी सारे लोग जुलुश में शामिल थे.मै बहुत खुश हूँ आज। ब्वाड़े बाबूजी से भी फोन पर बात हुई आज.आज दोमाठ के लोगो ने दिखा दिया कि पैसे ही सब कुछ नहीं होता है। मै अपने गाँव के मुसलमानों का बहुत धन्यबाद करना चाहता हूँ कि उन्हों ने एक इन्सान का साथ दिया है जो हमेशा
सभी के साथ रहते है.उनको जाती धरम से मतलब नहीं है। मै सबको कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ ऐसा
ही माहौल गाँव में हमेशा बना रहे।और गाँव का विकास हो.

आपका
हरिकेश कुमार यादव

Monday, October 25, 2010

दिन कि सुरुवात

आज का दिन मेरे लिए उतना अच्छा नहीं है जितना मै चाहता हूँ.

ग्राम प्रधान का चुनाव १४-१०-१० दोमट इलेक्शन-2010

मेरे गाँव में ग्राम प्रधान का चुनाव १४-१०-१० को हुआ। और इस चुनाव में मेरे बड़े पिता जी श्री नगीना यादव और गयासुद्दीन अंसारी चुनाव लड़ रहे है। इसमें हमारी जीत लगभग तय है। मेरे बड़े पिता जी सन १९६७ से १९९५ तक प्रधान रहे है। फिर रिजार्वेसन में हमने श्री देवेन्द्र प्रसाद को चुनाव लड़ाया और वो जीत गए.फिर २००१ में श्रीराम पासी को हम लोग प्रधान बनाये । २००५ के चुनाव में महिला सीट था और हम लोग अपने चाची जोनिया देवी को चुनाव में उतारे लेकिन वो ३२ वोट से चुनाव हर गयी. इसका एक ही कारण था कि कुछ अपने लोग ही धोखा दे दिए. और पुरे गाँव में बदलाव कि लहर चल रही थी. इसमें सुधीर त्यागी कि माँ श्री मती शांति देवी चुनाव जित गयी.लेकिन उनका लड़का सुधीर गाँव में इतना कोहराम मचा दिया कि लोग परेशान हो गए और हम लोगो के पास आने लगे.और आज उसी का नतीजा है कि हम चुनाव जीत रहे है.

Neel Ki Kheti(Indigo Farming) Domath नील कि खेती

मै इतिहास के पन्नो को देख कर ये सोचने पर मजबूर हो जाता हूँ, कि कैसे होगे वो दिन जब अंग्रेज अपने गुलामी कि जंजीर में जकड कर सारे हिन्दुस्तानियों पर राज करते थे. इस अंग्रेजी दास्ता को मेरा गाँव-दोमाठ, थाना- तरया सुजान, तहसील- तमकुहीराज,  जिला- कुशीनगर,उत्तर प्रदेश बयाँ करता है. यहाँ अंग्रेज नील कि खेती करते थे.उस खेत को लोग जिरात कहते है.
यहाँ पर नील कि फैक्ट्री भी है. जिसकी स्थापना लगभग १८६५ में हुई थी.उस नील कि फैक्ट्री के अवशेष आज भी है. उनकी बनायीं हुई कोठी जिसे बंगला  कहते थे आज भी मौजूद है.मेरे पास मेरे गाँव के नील कि फैक्ट्री का पुराना फोटो है.मै कोशिश कर रहा हूँ कि और ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करू.श्री नगीना यादव जो नील कि खेती कि दास्ता बताते है. वो दोमट के ग्राम प्रधान १९६७ से है.    

धन्यवाद
हरिकेश कुमार यादव
०९९८८९९९४३२
 

Thursday, February 11, 2010

First Post of blog...........

Hi Everyone. Aaj ye mera pahla post hai. mujhe bahut khushi ho rahi hai...........