Monday, April 2, 2012

जिंदगी क्या है ? हरिकेश हरिस


जिंदगी क्या है ?
सोचो जरा.

हवा का एक झोका.
दिखता नहीं एहसास होता है.

पानी का एक बुलबुला.
उठता है पर मिलता नहीं.

आग की ज्वाला.
पकड़ में आता नहीं, मगर जला जाता है.

एक सोच.
जो हम सोच पाते नहीं.

एक विचार.
जो हम कर पाते नहीं.

एक समस्या.
जो हम सुलझा पाते नहीं.

एक ख़ुशी .
जो हम मना पाते नहीं.

एक गीत.
जो हम गा पाते नहीं.

जिंदगी क्या है..सोचो जरा... हरिकेश हरिस

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