कभी थे तुम्हारे,अब हो गए हमारे.
भ्रष्टाचार को अब, लगाये किनारे.
बन गए अब, सबके प्यारे.
अन्ना हजारे,भारत संवारे,
नदियों के पानी भी, लगाने लगे थे खारे,
मीठा बनायेंगे, अब मिल करके सारे
अन्ना हजारे, भारत संवारे.
स्वच्छ छवि अब, बनायेंगे सारे.
दिन में भी, हरिकेश अब दिखायेंगे तारे.
अन्ना हजारे, भारत संवारे
