मै एक बहुत ही साधारण व्यक्ति हूँ, मै 2005 में इलाहाबाद कृषि संस्थान मानद विश्वविधालय से कृषि में ऍम बी ए की डिग्री हासिल की.2003 में गोरखपुर विश्वविधालय से कृषि में स्नातक की डिग्री हासिल की. फ्यूचर ग्रुप में 2005 से प्रबंधक के रूप में कार्य कर रहा हूँ . थोड़ी बहुत लिखने की शौक है जो कभी कभी पूरा कर लेता हूँ.
Monday, December 13, 2010
10 दिसम्बर 10 भूल ना सकेंगे
10 दिसम्बर 10 लिए ऐसा रहा कि हम भूल ना सकेंगे। पता नहीं जिन्दगी में कैसा समुंदरी तूफान आज के दिन आया और सब कुछ ले कर चला गया.हम चाह कर भी कुछ नहीं कर पाए। जैसे प्यास लगी हो और समुन्द्र के पास रह कर भी प्यास ना बूझे। देखने के लिए सब कुछ अपने पास था लेकिने पाने के लिए कुछ भी नहीं था। आशाओ और उमीदो पर पानी फिर गया हो ऐसे लग रहा था। जून-२००६ से हम अपने आप को एक नयी सोच के साथ जी रहे थे.लेकिन मेरे सोच को १० दिसम्बर-१० को एक ग्रहण लग गयी जो शायद कभी भी ना हटे। मेरे आँखों में आंसू सोच में पुरानी बाते हटने का नाम ही नहीं ले रहे थे। मै अपने आप को कैसे संभाल रहा हूँ मै ये बया नहीं कर सकता।
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